Vaishali

वैशाली: बिल एंड मेलिडा गेट्स फाउंडेशन की टीम ने स्वास्थ्य सेवाओं का लिया जायजा

मंगलवार को सेंट्रल टीबी डिवीजन की ओर से बिल एंड मेलीडा गेट्स फाउंडेशन की टीम ने वैशाली जिले में टीबी पर चल रहे काम का जायजा लिया। बीएमजीएफ की टीम ने सबसे पहले सेंदुरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का दौरा कर मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। मौके पर मौजूद सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी कृष्णा कुमारी ने स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र में टीबी में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी दी।

मौके पर जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डा. श्यामनंदन प्रसाद ने कहा कि बीएमजीएफ की टीम ने प्राइवेट चिकित्सकों के स्तर पर निक्षय पोर्टल पर स्वयं ही प्रविष्टि करने की प्रशंसा की। इसके बाद टीम दिग्घी में टीबी पर प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर के समन्वय के लिए काम कर रही डाक्टर फार यू के डा. शिव कुमार रावत तथा प्राइवेट चिकित्सक डा. इंद्रमणि सिंह एवं डा. केएन सिंह से टीबी के उन्मूलन और प्राइवेट-पब्लिक समन्वय पर विस्तार से चर्चा की। टीम को कठिनाइयों से कराया अवगत डा. श्याम नंदन प्रसाद ने कहा कि मैंने तथा डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि डा. कुमार गौरव ने सभी एसटीएस तथा टीबी चौंपियन से जिले में चलरहे कार्यक्रम में आने वाली कठिनाइयों और चल रहे कार्यक्रम में सुधार की आवश्यकता पर भी मुआयना करने आए टीम के साथ विस्तार से चर्चा की। कहा कि हाजीपुर सदर प्रखंड में अभी टीबी के कुल 80 मरीज हैं वहीं सेंदुआरी में कुल 8 मरीज हैं। टीबी मरीजों को हर माह मिलता है पांच सौ रुपया जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डा. श्याम नंदन प्रसाद ने कहा कि टीबी के मरीजों को पोषण के लिए भारत सरकार के प्रयास से निक्षय पोषण योजना के तहत 5 सौ रुपये दिए जाते हैं।

जिले में चल रहा मर्म का ट्रायल डा. एसएन प्रसाद ने बताया कि जिले में मर्म का ट्रायल चल रहा है। यह एक तरह का इलेक्ट्रानिक बाक्स है जिसमें टीवी की दवा रखी रहती है। इसमें तीन अलग-अलग तरह की लाइट व अलार्म लगे होते हैं। हरी लाइट व अलार्म बताता है कि मरीज के दवा खाने का समय हो गया है। दवा खाने के लिए अगर मरीज बाक्स को खोलता है तो उसे कम से कम बाक्स को एक मिनट तक खुला छोड़ना चाहिए।

इससे यह डिजिटल रिकार्ड में सेव हो जाता है। बाक्स पर लगी पीली लाइट से दवा खत्म होने का पता चलता है। वहीं अगर बाक्स की बैट्री खत्म हो रही हो तो लाल लाइट व अलार्म से संकेत मिलता है। फिलहाल मर्म बाक्स को नए मिलने वाले मरीजों को हीं दिया जाना है। इसके अलावा 99 डाट्स कार्यक्रम से भी ऐसे रोगियों को फायदा मिलेगा। इस कार्यक्रम के तहत टीवी की दवा के पीछे एक टाल फ्री नंबर लिखा गया है। मरीज दवा खाने के बाद इस टाल फ्री नंबर पर अपने निबंधित सेलफोन से काल कर दवा खा लेने के बाबत जानकारी दर्ज करा सकेंगे।

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