कोचिंग अनिवार्य नहीं- पटना के आशीष ने तो बिना कोचिंग पहले प्रयास में 23वां रैंक हासिल किया

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Patna : पटना के बिस्कोमन कॉलोनी के रहने वाले आशीष ने पहले ही प्रयास में यूपीएससी में 23वीं रैंक हासिल की है। आशीष ने नौकरी छोड़ सितंबर 2020 से यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। कोविड के कारण उन्होंने कोई कोचिंग ज्वाइन नहीं की, कुल मिलाकर उन्होंने अपनी तैयारी ऑनलाइन माध्यम से ही की है।

आशीष पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर थे। उन्होंने आईआईटी बीएचयू से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की है। उन्होंने बताया कि मेरे मन में हमेशा से ही सिविल सर्विस की परीक्षा देने की इच्छा रहती थी। लेकिन नौकरी के दौरान मुझे लगा कि मुझे UPSC करना है और मैंने तैयारी शुरू कर दी।

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मैंने अपनी बहन के साथ रहकर बैंगलोर में पढ़ाई शुरू की। ऑनलाइन मोड में, मैंने YouTube, कुछ ऑनलाइन कक्षाओं और अन्य स्रोतों के माध्यम से तैयारी की। आशीष बताते हैं कि बिहार में काम करना उनकी पहली पसंद होगी। उनकी कला और साहित्य में बहुत रुचि है, इसलिए वे शिक्षा के क्षेत्र में काम करना चाहते हैं और वर्तमान स्थिति को समझकर आवश्यक परिवर्तन करने का प्रयास करेंगे।

जॉन ओलिया, इरफान सिद्दीकी और कलीम अजीज उनके पसंदीदा कवि हैं। तैयारी के दौरान वह थोड़ा आराम करने के लिए अक्सर उनकी कविताओं को पढ़ते थे। आशीष ने 12वीं की पढ़ाई केशव सरस्वती विद्या मंदिर से की है। इसके बाद वे मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए IIT BHU गए। अन्य आकांक्षी को टिप्स देते हुए आशीष ने कहा कि इस प्रतियोगी परीक्षा के लिये खुद पर विश्वास होना बहुत जरूरी है।

बता दें कि उनके पिता बिहार के शेखपुरा निवासी हरेंद्र कुमार सिंह निजी शिक्षक हैं। अब उनका बेटा आशीष आईएएस अफसर बन गया है। बरबीघा निवासी आशीष के नतीजे आने से जिले में जश्न का माहौल है। उनके पिता एक निजी शिक्षक के साथ एक आईटीआई ऑपरेटर हैं और उनकी मां मधु कुमारी एक गृहिणी हैं।

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