VAISHALI में गंगा और गंडक लाल निशान से ऊपर बह रही हैं

वैशाली जिले में तीन तरफ से नदियों से घिरी गंगा और गंडक दोनों नदियां तेज हैं। बुधवार को रीवा घाट पर जहां गंडक खतरे के निशान से 06 सेंटीमीटर नीचे बह रहा था। वहीं लालगंज में खतरे के निशान से 45 सेंटीमीटर ऊपर है।

नदी का जलस्तर ऊंचा बना हुआ है। इसी तरह गंगा नदी गांधी घाट के पास खतरे के निशान से 95 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। 12 घंटे के भीतर गंगा और गंडक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से हाजीपुर के रामचूरा, रामभद्र, हरिवंशपुर और तरसिया समेत बैदूपुर और महानार क्षेत्र के कई गांवों में पानी घुस गया है।

बुधवार दोपहर जिलाधिकारी यशपाल मीणा ने लालगंज के थेरहुत तटबंध पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए।

गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से शहर के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुसना शुरू हो गया है। गंगा का पानी कोन्हारा बाईपास से सटी निचली सड़क पर और दूसरी तरफ सोनपुर के हरिहरनाथ मंदिर से पहेलीजा तक बह रहा है। तरसिया, बद्री चौक और शहर के अन्य इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है।

त्रिसिया गांव में गांधी सेतु के पिलर नंबर 14 के सामने एप्रोच रोड पर घुटनों तक बाढ़ का पानी तेज गति से बह रहा है। इसके अलावा पिलर नंबर 01, 02 और 12, 13 के आसपास बाढ़ का पानी धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने से केले के बाग, सब्जियां, अचार साबूदाना और सब्जियों की फसलें जलमग्न हो गईं।

पशुचारा खेत में डूब गया है। लोगों ने अपने जान-माल और पशुधन की रक्षा के लिए ऊंचे स्थानों पर शरण लेनी शुरू कर दी है।

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लोग ऊंचे स्थानों पर जाते हैं

जिला पंजीयन परामर्श केंद्र के पास बने नाले से बाढ़ का पानी शहर में प्रवेश कर रहा है। बाढ़ में फंसे लोगों के लिए पानी और पीने की समस्या खड़ी हो गई है। लोगों का कहना है कि गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है।

लोग ऊंचे स्थानों पर जा रहे हैं। बद्री चौक निवासी सुरेश राय ने बताया कि खेत में घुटनों तक पानी है। बढ़ते पानी को देखकर नीलगाय भी ऊंचे स्थान की ओर बढ़ रही है।

डीएम ने तुरहुत तटबंध का निरीक्षण किया

गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने की खबर मिलते ही डीएम यशपाल मीणा ने अधिकारियों की टीम के साथ बुधवार को गंडक नदी के तरहुत तटबंध का निरीक्षण किया। उन्होंने लालगंज क्षेत्र के बलहा बसंता स्थित गंडक नदी के घाट और तटबंध का निरीक्षण करने के बाद जलस्तर के बारे में जानकारी ली।

यहां तटबंध पूरी तरह सुरक्षित पाया गया। पानी का बहाव तेज था, लेकिन तटबंध पर पानी का दबाव नहीं था। अधिशासी अभियंता बाढ़ नियंत्रण एवं जल निर्वहन प्रभाग लालगंज ने बताया कि गंडक नदी में पानी हर चार घंटे में 1 सेंटीमीटर है। यह एक दर से बढ़ रहा है।

नदी के रास्ते बालू के अवैध परिवहन पर निगरानी रखें

डीएम ने स्थानीय मुखिया और ग्रामीणों से मिलकर भी आवश्यक जानकारी ली। ग्रामीणों के कहने पर स्लूइस गेट का भी जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया। इस गेट को पूर्णतः सही पाया गया। यहां पर बताया गया कि पटवन के लिए समय-समय स्लूईस गेट खोला जाता है और फिर बंद कर दिया जाता है। भ्रमण के क्रम में इस क्षेत्र में धान की अच्छी फसल देखी गई। डीएम ने बाढ़ प्रमंडल के पदाधिकारियों को नदी के रास्ते बालू के अवैध परिवहन पर निगरानी रखने का निर्देश दिया। डीएम के साथ सहायक समाहर्त्ता निशा, अनुमंडल पदाधिकारी हाजीपुर अरुण कुमार, डीसीएलआर हाजीपुर स्वप्निल, कार्यपालक अभियंता बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल लालगंज सियाराम पासवान, सहायक अभियंता संतोष कुमार प्रभाकर, कनीय अभियंता मनोज कुमार, अंचलाधिकारी लालगंज एवं अन्य पदाधिकारी तथा स्थानीय मुखिया गणेश राय उपस्थित थे।

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