VAISHALI: 8 वर्षीय शिव भक्त ने एक पैर पर कूदकर बिस्कुट और फल वितरित किया, सोशल मीडिया पर छाई नन्ही शिव भक्त

सावन का महीना भगवान भोलेनाथ को समर्पित महीना है। बोल बाम, हर हर महादेव के आदर्श वाक्यों से शिवभक्त हजारों की संख्या में भक्त भोलेनाथ की भक्ति में लीन हो जाते हैं। हर कोई अपनी मन्नत या कृतज्ञता के साथ महादेव के द्वार पर सजदा करता है, लेकिन इन भक्तों में एक ऐसा भी है जिसका केवल एक पैर है।

हाजीपुर सदर प्रखंड के लाल पोखर दीघी निवासी वैशाली की 8 वर्षीय दिव्यांग बालिका राज नंदनी सिंह पैर होने के बावजूद हर साल कांवड़ियों की मदद करती है। एक पैर के साथ) यह कुल स्वभाव के साथ किया जाता है।

वैशाली के 8 साल के दिव्यांग ने की भक्तों की सेवा:

राज नंदनी की शिव भक्ति इंद्र क्षेत्र (वैशाली की प्रेरक कथा) में चर्चा का विषय रही है। शारीरिक दुर्बलता भी भक्ति के मार्ग में नहीं टिकती।

नंदनी के पिता सुभाष सिंह अपने दो जवान बेटों को लेकर हर साल कांवर ले जाने वाली कंडरियों की सेवा करते हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि उसकी दिव्यांग बेटी भी एक पैर वाले लोगों की परवाह करती है।

एक पैर नहीं होने के बावजूद प्रोत्साहन:

नंदनी (वैशाली के दिव्यांग शिव का नन्हा भक्त) हाजीपुर मुजफ्फरपुर मुख्य मार्ग के पुलिस लाइन के पास पेलेजा गंगा घाट से पवित्र जल लेकर हजारों डाक कवडिय़ों की सेवा कर रहा है। सुभाष कुमार सिंह ने कहा कि राज नंदनी का जन्म से ही पैर नहीं होता, बल्कि हर साल वह बोल बम कंडिया की सेवा करते हैं। बेटी राजनंदनी सिंह पिछले तीन साल से कंद्रियों की सेवा कर रही हैं।

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Kandriyas फल और पानी कुकीज़ देते हैं:

हाजीपुर-मुजफ्फरपुर मार्ग पर एक विकलांग लड़की अपने पिता और भाई के साथ बिस्कुट, पानी और फल देती हुई दिखाई दी। लड़के का वीडियो सोशल मीडिया पर कैद हो गया है। हर कोई उनकी प्रशंसा में कविताएं बना रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि दिव्यांग लड़की बाबा के महल में जाने वाले डाककर्मियों को फल, बिस्कुट और पानी दे रही है।

सोशल मीडिया पर छाई नन्ही शिव भक्त:

इस दौरान नंदनी बम के लिए गाना भी गा रही थीं। यात्री कावंडिया भी लड़की की आस्था को देखकर हैरान है। वहीं एक विकलांग लड़की के पिता सुभाष सिंह को उम्मीद है कि शिव के प्रति भक्ति के जरिए उनकी बेटी पढ़ लिखकर कुछ बन जाएगी और बुढ़ापे में उनका सहारा बन जाएगी। क्योंकि बच्चे को एक पैर है और सबसे छोटे बच्चे को दिल की बीमारी है। ऐसे में ईश्वर ही एकमात्र सहारा है, जिसमें उसे पूरा विश्वास है।