VAISHALI: चौकीदार अपने ही घर में शराब बनाता था, मौत होते ही शव जल दिया गया

VAISHALI: The watchman used to make liquor in his own house, the body was burnt as soon as he died

बिहार में शराबबंदी के बाद असामाजिक तत्व बड़े पैमाने पर शराब के अवैध कारोबार में लिप्त हो गए. पुलिस और आबकारी विभाग ने हजारों लोगों को गिरफ्तार भी किया है, लेकिन शराब के धंधे में चौकीदारों की अहम भूमिका बताई जा रही है।

कभी-कभी चौकीदारों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई। इसके बावजूद कई चौंकाने वाले मामले अभी भी सामने आ रहे हैं। ताजा मामला वैशाली जिले के राघोपुर ब्लॉक का है। जगनापुर थाना क्षेत्र की वीरपुर पंचायत बिंटोली बस्ती में जहरीली शराब पीने से तीन लोगों की मौत (राघोपुर प्रखंड में जहरीली शराब से 3 मौतें) हो गई।

बताया जा रहा है कि स्थानीय चौकीदार जागू राम की मौत के मुख्य आरोपी की मौत जहरीली शराब पीने से हुई है।

राघोपुर प्रखंड में जहरीली शराब से 3 की मौत

राघोपुर प्रखंड की वीरपुर पंचायत बंटोली बस्ती में तीन लोगों की मौत के मुख्य आरोपी जागू राम ने न केवल शराब बेची बल्कि खुद भी शराब बनाई।

वैशाली एसपी मनीष के आदेश पर जहरीली शराब से हुई मौत पर छापेमारी कर आरोपी चौकीदार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। आरोप है कि जहरीली शराब से पहले व्यक्ति की मौत होने पर जल्दबाजी में जागू राम का अंतिम संस्कार कर दिया गया था। बाद में थाना प्रभारी को अन्य बीमार लोगों के बारे में जानकारी मिली तो वह अपने स्तर से पता लगाने लगा।

शराब बनाने वाले चौकीदार के साथ और 5 भेजे गए जेल :

जानकारी मिलने के बाद जब अस्पताल पहुंचे तो वहां जहरीली शराब से दो और लोगो की मौत हो गई थी. जिसे पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया था. इस विषय में जुड़ावनपुर थाना प्रभारी फैमुल्ला खान ने बताया कि गिरफ्तार कर जेल भेजा गया चौकीदार जग्गू राम अपने घर में ही शराब बनाने का काम करता था.

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जहरीली शराब से जब स्थानीय जंगली महतो की मौत हो गई तो इसने ही आनन-फानन में उसका अंतिम संस्कार करवा दिया था. पूछताछ के दौरान भी पुलिस को लगातार गुमराह करने का प्रयास करता रहा. इतना ही नहीं इसके समर्थन से गांव के कई लोग देसी शराब बनाने का काम करते थे.

उनकी पहचान कर ऐसे 5 आरोपियों गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. गंगा नदी में जलस्तर बढ़ने से छापेमारी में थोड़ी दिक्कत आ रही है. लेकिन नाव से छापेमारी कर शराब के अवैध धंधे में लगे लोगों की पहचान कर गिरफ्तार किया जाएगा.

10 घरों में छापेमारी कराकर दिया डीएसपी को चकमा : 

बताया गया कि राघोपुर में हुए जहरीली शराब से मौत कांड के 2 दिन पहले ही हाजीपुर सदर एसडीपीओ राघव दयाल को भनक लगी थी कि राघोपुर के कुछ घरों में शराब बनाई जा रही है. जिसके बाद राघव दयाल राघोपुर प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया था. इसी क्रम में वे जुड़ा वनपुर थाना क्षेत्र के बीरपुर गांव भी पहुंचे थे, जहां चौकीदार जग्गू राम से उन्होंने पूछताछ कर 10 घरों में छापेमारी की थी. लेकिन कुछ भी बरामद नहीं हुआ था. बताया जा रहा है कि जग्गू राम ने गलत सूचना देकर छापेमारी करवाई थी. इस विषय में खुद चौकीदार जग्गू राम ने बताया कि जहरीली शराब से मौत कांड के 2 दिनों पहले ही डीएसपी आए थे और उनसे सूचना मांगी थी. उसके बताए 10 जगहों पर छापेमारी भी की गई थी लेकिन कुछ भी बरामद नहीं हुआ था.

चौकीदार की उलझाने वाली बातें :

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गिरफ्तारी के बाद चौकीदार जग्गू राम सहित अन्य 5 आरोपियों को कोरोना जांच के लिए सदर अस्पताल लाया गया था. जहां पूछताछ के दौरान उसने बताया कि बोतल वाली शराब पीने से मौत नहीं हुई है.पन्नी वाली चुअउआ देसी शराब पीने से मौत हुई है, जिसे कहीं पास के इलाके से लेकर वे लोग आए थे. इतना ही नहीं जग्गू राम ने आगे बताया कि उसे जानकारी मिली थी कि एक व्यक्ति जहरीली शराब पीने से मर गया है लेकिन जब वह पहुंचा तब तक उसका अंतिम संस्कार हो चुका था. जिसके बाद वह दो बीमार लोगों को देखने अस्पताल पहुंचा था. लेकिन वे दोनों भी मर चुके थे. जग्गू राम का दावा है कि वह निर्दोष है. उसे फंसाया जा रहा है. जबकि उसके बयान से ही जाहिर होता है कि इलाके में चल रहे शराब के कारोबार की उसे पूरी जानकारी तो पहले से थी ही.

Source : ETV भारत