To please Shri Krishna on Janmashtami, fast and worship like this

क्यों मनाया जाता है जन्माष्टमी का त्यौहार

सत्य और धर्म की स्थापना के लिए, धर्म की रक्षा करने के लिए और राक्षसों को खत्म करने के लिए, भगवान हमेशा पृथ्वी पर अवतरित होते हैं।

इसी तरह भगवान श्रीकृष्ण ने अत्याचारी कंस का नाश करने के लिए भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की मध्यरात्रि (मध्यरात्रि) मथुरा में अवतार लिया था।

लोग इस प्रकार गाते हुए आनंद में सराबोर हो जाते हैं

हाथी घोड़ा पालकी , जय कन्हैया लाल की
नन्द के आनंद भयो , जय कन्हैया लाल की
बृज में आनंद भयो , जय यशोदा लाल की

सबसे पहले जन्माष्मी की एक रात पहले आपको ब्रह्चर्य का पालन करना चाहिए।उसके बाद सुबह समय से उठकर नहा धोकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

फिर सूर्य, सोम, यम, काल, संधि, भूत, पवन, दिक्‌पति, भूमि, आकाश, खेचर, अमर और ब्रह्मादि सभी देवताओ को याद करेंऔर नमस्कार कर पूर्व या उत्तर की तरफ मुँह करके बैठें।

सत्य और धर्म की स्थापना के लिए, धर्म की रक्षा करने के लिए और राक्षसों को खत्म करने के लिए, भगवान हमेशा पृथ्वी पर अवतरित होते हैं।

कृष्ण जन्माष्टमी का महत्व

सनातन धर्म में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। भगवान श्रीकृष्ण के भक्त इस दिन व्रत रखते हैं और उनकी पूजा-अर्चना करते हैं।

कहते हैं कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से उपासक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। जिनलोगों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर है, उन्हें इस व्रत का व्रत अवश्य करना चाहिए।

कहते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है। संतान प्राप्ति के लिए इस दिन व्रत भी रखा जाता है।

इस दिन भगवान श्रीकृष्ण झूले पर झूलते हैं, मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण को झूलने से भगवान श्रीकृष्ण अपने भक्तों के मनोवांछित फल ों की पूर्ति करते हैं।

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